Trading kya hai – जानिए स्टॉक ट्रेडिंग क्या है और कितने प्रकार की होती है

Trading यानि की एक ऐसा व्यापार जिसमे एक एसेट या वस्तु को दूसरे से एक्सचेंज किया जाता है। इस एक्सचेंज को करने के पीछे का मुख्य कारण दोनों पार्टियों द्वारा कुछ मुनाफा कमाना होता है। ट्रेडिंग लगभग हर तरह की मार्किट में की जाती है जैसे की रोज़मर्रा के सामान बिकने का बाजार, फोरेक्स बाजार, शेयर बाजार, बिज़नेस में किया जाने वाला ट्रेड आदि। ट्रेडिंग की शुरुआत तब हुयी थी जब लोगो के पास पैसे जैसा साधन उपलभ्द नहीं था और वह अपनी जरुरत की चीजों को एक दूसरे से एक्सचेंज करके निर्वाह करते है। जैसे जैसे समय बदलता गया ट्रेड में किसी वस्तु को दूसरी से एक्सचेंज करने की बजाये पैसे से किया जाने लगा और होने वाले मुनाफे का अंदाज़ा भी कमाए गए पैसे के मापा जाने लगा।

ट्रेडिंग फाइनेंस की दुनिया का भी एक बेसिक और सबसे से ज्यादा सुनने को मिलने वाला कांसेप्ट है। अगर आप शेयर मार्किट में नए है तो ट्रेडिंग को समझना आपके लिए जरुरी हो जाता है। आज के इस आर्टिकल “Trading kya hai” में हम स्टॉक ट्रेडिंग के कांसेप्ट को पूरी तरह से समझते हुए इस की किस्मो और इसे कैसे किया जाये, इस बात पर पूरी नज़र डालेंगे।

Trading kya hai

स्टॉक ट्रेडिंग क्या होती है – Stock Trading kya hoti hai

शेयर मार्किट में ट्रेडिंग का मतलब है एक कंपनी के स्टॉक को कम दाम में खरीद कर ज्यादा दाम में बेचना या ज्यादा दाम में बेच कर कम दाम में खरीदना जिसे की शार्ट सेल्लिंग कहते है। जो लोग शेयर मार्किट में ट्रेडिंग करते है उन्हें ट्रेडर कहा जाता है। उदाहरण के लिए मान लीजिये की रिलायंस का शेयर 2100 रूपये में ट्रेड हो रहा है और चार्ट पैटर्न या किसी न्यूज़ के कारण उसके दाम की भविष्य में बढ़ने की सम्भावना है। आप उस शेयर को चल रहे भाव 2100 में खरीद सकते है और मान लीजिये 2 दिन बाद इसका दाम 2300 रूपये हो गया। अब आप इसके खरीदे गए शेयर को बेचकर जितना भी मूल्य का अंतर होगा उसे मुनाफे के रूप में कमा सकते है।

ट्रेडिंग मुख्यता दो तरह की होती है, शार्ट टर्म ट्रेडिंग और लॉन्ग टर्म ट्रेडिंग। जिन लोगो को मार्किट से जल्दी पैसा कमाने की इच्छा होती है वह ज्यादातर शार्ट टर्म ट्रेडिंग में अपना हाथ आजमाते है। लॉन्ग टर्म ट्रेडिंग में ज्यादातर इन्वेस्टिंग और लम्बे समय के लिए स्टॉक को होल्ड करने वाली पोजीशन आती है।

स्टॉक ट्रेडिंग कितने प्रकार की होती है  – Stock Trading kitne prakar ki hoti hai

जैसे की पहले ही बताया गया की ट्रेडिंग मुख्यता दो तरह की होती है और उसी के अंतर्गत ट्रेडिंग की अलग अलग केटेगरी होती है, जो है:

इंट्राडे ट्रेडिंग – Intraday Trading

इंट्राडे ट्रेडिंग यानि की किसी कंपनी के शेयर को एक ही दिन में खरीदना और बेचना। अगर कोई इंट्राडे ट्रेडिंग करता है तो उसको शेयर खरीद के ही दिन मार्किट के बंद होने से पहले बेचने पड़ते है। अगर आप ऐसा नहीं करते तो सेबी की guidlines अनुसार आपका ब्रोकर शेयर्स को बेच कर खुद ही पोजीशन को क्लोज कर देता है और ऐसे केस में आपको कुछ पेनल्टी भी भरनी पड़नी सकती है।

  • इंट्राडे ट्रेडिंग मुख्य रूप से चार्ट पैटर्न को छोटे टाइम फ्रेम, जैसे की 5 या 15 मिनट में एनालाइज करके किया जाता है।
  • इसमें ट्रेडर का मुख्य उद्देश्य आधे से 1 परसेंट तक के मूव को कैप्चर करना होता है।
  • इंट्राडे, ट्रेडिंग की सबसे पॉपुलर फॉर्म है और इसके पॉपुलर होने के पीछे का मुख्य कारण ब्रोकर द्वारा इसे करने के लिए उधार दी जाने वाली राशि है इसलिए इसे मार्जिन ट्रेडिंग भी कहते है।
  • सेबी के नए रूल के मुताबिक दिया जाने वाले मार्जिन 5x तक हो सकता है यानि की अगर आपके ट्रेडिंग अकाउंट में 10,000 है तो आप उस से 50,000 तक की ट्रेडिंग कर सकते है।
  • इंट्राडे ट्रेडिंग आप किसी भी शेयर जिसमे अच्छा मूवमेंट और वॉल्यूम हो उसमे कर सकते है।
  • मार्जिन होने के कारण आप इंट्राडे में कम पैसे में भी अच्छा मुनाफा कमा सकते है लेकिन इसमें रिस्क और नुकसान होने की सम्भावना भी उतनी ही रहती है।

स्कल्पिंग – Scalping

स्कल्पिंग इंट्राडे ट्रेडिंग की ही एक फॉर्म है बस फर्क इतना है की इसे बहुत छोटे टाइम फ्रेम जो की कुछ सेकंड से लेकर कुछ मिनट तक का होता है में किया जाता है। स्कल्पिंग में:

  • किसी स्टॉक या एसेट के बहुत छोटे से मूव को कैप्चर करने की कोशिश की जाती है।
  • इसमें बड़े वॉल्यूम या बड़ी शेयर की मात्रा में ट्रेड किया जाता है तांकि छोटे मूव से भी बड़ा प्रॉफिट हो सके।
  • इसमें ट्रेड की execution बहुत तेजी से की जाती है और एक दिन के कई सारे ट्रेड लिए जा सकते है।
  • इसमें ज्यादातर 1 से 3 मिनट के चार्ट टाइम फ्रेम का इस्तेमाल किया जाता है।

स्विंग ट्रेडिंग –  Swing Trading

स्विंग ट्रेडिंग में स्टॉक को कुछ दिनों से लेकर कुछ हफ्तों तक होल्ड किया जाता है यानि की इसमें शेयर्स की डिलीवरी ली जाती है जिस कारण इंट्राडे ट्रेड की तरह इसमें किसी भी तरह का मार्जिन नहीं मिलता। इसमें ट्रेडर 1 घंटे से लेकर 1 दिन के timeframe पर चार्ट को एनालाइज करते है और उनमे दिखाई देने वाले पैटर्न की अनुसार किसी ट्रेड में कदम रखते है। स्विंग ट्रेडिंग में आमतौर पर 5% से 20% तक के प्रॉफिट की सम्भावना रखी जाती है। इंट्राडे और स्कल्पिंग के मुकाबले यह ट्रेडिंग की काफी सेफ फॉर्म है और इसमें ट्रेडर को हर वक्त स्क्रीन को देखते रहने की भी जरुरत नहीं होती।

पोसिशनल ट्रेडिंग – Positional Trading

पोसिशनल ट्रेडिंग में ट्रेडर एक स्टॉक को कई हफ्तों से लेकर कई महीनो तक होल्ड करके रखते है और इनमे प्रॉफिट का टारगेट भी 15% या 20% से कही ज्यादा का होता है। इसमें चार्ट पैटर्न को डेली और वीकली टाइम फ्रेम और कंपनी के फंडामेंटल को एनालाइज किया जाता है।

आर्बिट्राज ट्रेडिंग – Arbitrage Trading

आर्बिट्राज ट्रेडिंग के अंतर्गत ट्रेडर किसी एक एसेट को दो अलग अलग मार्केट में ट्रेड करके प्रॉफिट कमाता है। वह एसेट जो अलग अलग लोकेशन में ट्रेड हो रही है उनके मार्किट सेंटीमेंट, लिक्विडिटी और टाइम जोन के अनुसार प्राइस में कुछ अंतर होता है और इसी का फायदा ट्रेडर अपना प्रॉफिट कमाने के लिए करते है। उदाहरण के लिए एक स्टॉक ABC नेशनल स्टॉक एक्सचेंज और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज दोनों में लिस्टेड है। कई फैक्टर के कारण NSE में स्टॉक का प्राइस BSE से ज्यादा है। ऐसी स्तिथि में एक ट्रेडर स्टॉक को BSE के कम दामों पे खरीद लेगा और उतनी ही क्वांटिटी NSE में ज्यादा दामों में बेच देगा। ब्रोकरेज, टैक्सेज और अन्य चार्जेज को सेटल करने के बाद जो भी अमाउंट बचेगी वह उसका प्रॉफिट होगा। आर्बिट्राज ट्रेडिंग लगभग सभी प्रकार की एसेट मार्किट में की जाती है जैसे की स्टॉक, बांड्स, करेंसी, कमोडिटी और डेरिवेटिव्स आदि। आर्बिट्राज ट्रेड लेने के लिए एक ट्रेडर को तेज होना चाइये क्यूंकि इस के फर्क temporary होता है और लिमिटेड टाइम में ही सारे ट्रेड को पूरा करना पड़ता है।

स्टॉक ट्रेडिंग कैसे करें – Stock Trading kaise kare

शेयर मार्किट में ट्रेड करने के लिए सबसे पहले आपके पास एक डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट होना चाहिए। डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट आप किसी भी एक ब्रोकर के साथ ऑनलाइन आसानी से खुलवा सकते है। डीमैट अकाउंट वह अकाउंट है जिसमे आपके शेयर्स डिलीवरी के बाद स्टोर होते है वही ट्रेडिंग अकाउंट में आपके ट्रेड करने के लिए पैसे, शेयर्स के मूवमेंट को ट्रैक करने और आर्डर प्लेस करने के लिए एक प्लेटफार्म दिया जाता है। कुछ बेस्ट ऑनलाइन ब्रोकर है:

Zerodha
Upstox
Groww
Angle one

डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट खुलवाने के बाद आपको शेयर मार्किट के बारे में बेसिक से लेकर एडवांस जितनी ज्यादा हो सके जानकारी हासिल करनी है। अगर शेयर मार्किट में आप बस किसी के कहने पर ट्रेड कर रहे है और आपको इसके बारे में कुछ जानकारी नहीं है तो यह सिर्फ एक जुआ ही है जिसमे आप भले ही कभी कभार मुनाफा कमा लें, लेकिन लॉन्ग टर्म में आपको नुक्सान का ही सामना करना पड़ेगा। इसलिए शेयर मार्किट में कदम रखने से पहले सबसे पहले यह जरुरी है की इसके बारे में पूरी तरह से सीखे और शुरुआत में बहुत छोटी रकम से ट्रेडिंग की शुरुआत करे।

स्टॉक ट्रेडिंग कैसे सीखें  – Stock Trading kaise sikhen

आजकल शेयर मार्किट को सिखने के लिए ऑनलाइन सोशल मीडिया पर बहुत सारा कंटेंट उपलभ्द है। हमारी साइट पर भी शेयर मार्किट से जुडी आपको बहुत सारी महत्वपूर्ण जानकारी मिल जाएगी। आप हमारे द्वारा लिखे गए ब्लॉग को पढ़कर भी शेयर मार्किट के बारे में बेसिक जानकारी जुटा सकते है। इसके इलावा आप शेयर मार्किट को सिखने और प्रैक्टिस करने के लिए इन तरीको का इस्तेमाल कर सकते है:

पेपर ट्रेडिंग: पेपर ट्रेडिंग यानि की ट्रेडिंग का वह तरीका जिसमे आप असल में कोई स्टॉक ख़रीदे बिना ही उसमे ट्रेड कर सकते है। यह बिलकुल असल ट्रेडिंग की तरह ही होता है लेकिन इसमें कोई भी रियल पैसे नहीं लगते। शेयर मार्किट में असल में ट्रेड करने से पहले प्रैक्टिस करने का यह सबसे बढ़िया तरीका है। पेपर ट्रेड करने के लिए ऑनलाइन कई सारे app उपलभ्द है जैसे की Frontpage.

ट्रेडिंग बुक्स: किसी भी चीज के बारे में में सबसे ज्यादा आपको वही सीखा सकता है जो खुद उस फील्ड का माहिर हो और जिसे उस फील्ड का एक अच्छा अनुभव हो। शेयर मार्किट में कई सारे ऐसे दिगज्ज ट्रेडर हुए है जिन्होंने अपने स्किल और सही Mindset के चलते एक अच्छी सम्पति को कमाया है और अपने इन्ही अनुभवों को किताबो के रूप में हम तक पहुँचाया। इन बुक्स को पढकर आप शेयर मार्किट और ट्रेडिंग की बारे में अच्छी जानकारी को जुटा सकते है। ऐसे ही कुछ पॉपुलर बुक के बारे में आप हमारी इस पोस्ट में जान सकते है।

Share market books in hindi – शेयर मार्किट सिखने के लिए बेस्ट किताबे

ऑनलाइन लर्निंग: शेयर मार्किट के बारे में फ्री में जानकारी बहुत से आसानी से ऑनलाइन उपलभ्द है। कई सारी ऐसी साइट और apps है जिनको इस्तेमाल करके आप शेयर मार्किट के बारे में बेसिक से एडवांस तक पूरी जानकारी पा सकते है।

निष्कर्ष – Conclusion

अंत में में यही कहना चाहूंगा के की स्टॉक मार्किट में ट्रेडिंग देखने में तो काम्प्लेक्स लगती है लेकिन अगर सही मिंडसेट के साथ की जाये तो काफी आसान है। किसी भी बिज़नेस की तरह ट्रेडिंग में भी पैर ज़माने और प्रॉफिटेबल होने के लिए समय लगता है इसलिए शॉर्टकट ना अपनाकर इसे पूरी तरह से समझते हुए संयम के साथ अपने स्किल्स में सुधार करते रहे।

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1 thought on “Trading kya hai – जानिए स्टॉक ट्रेडिंग क्या है और कितने प्रकार की होती है”

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