Money back policy in Hindi – जानिए मनी बैक पॉलिसी क्या है और कैसे काम करती है

इंश्योरेंस की कई किस्मों में से एक है लाइफ इंश्योरेंस और इसे आगे भी कई सारे भागो में विभाजित किया जा सकता है। इनमे से जिस पालिसी के बारे में हमे सबसे ज्यादा सुनाई देता है वह है मनी बैक पालिसी। इस तरह की लाइफ इंश्योरेंस पालिसी में इंश्योरेन्स लेने वाले व्यक्ति को रेगुलर टाइम इंटरवल में एक निश्चित रकम मनी बैक के रूप में वापस में की जा जाती हैं। यह मनी बैक उसकी रेगुलर इनकम का एक अच्छा सोर्स बन सकती है। इस आर्टिकल “Money back policy in Hindi” के जरिये हम इस पॉलिसी के बारे में जानेगे और इसे समझने की कोशिश करेंगे।

Money back policy in hindi

मनी बैक पालिसी क्या है – Money back policy in Hindi

मनी बैक लाइफ इंश्योरेंस पालिसी में इंश्योरेंस लेने वाले व्यक्ति को लाइफ कवर के साथ sum assured के हिस्से के रूप में रेगुलर रिटर्न भी मिलती है। इस तरह की पालिसी को इंश्योरेंस और इन्वेस्टमेंट दोनों का मिश्रण कहा जा सकता है। इस पॉलिसी के तहत इंश्योरेन्स लेने वाले को गैरेंटेड रिटर्न मिलती है। इस पालिसी में sum assured का कुछ हिस्सा नियमित अवधि में पालिसी होल्डर को मनी बैक के रूप वापिस कर दिया जाता है जिसे सर्वाइवल बेनिफिट कहते है और बची हुई राशि maturity पर बोनस समेत दी जाती है।अगर पॉलिसी होल्डर पॉलिसी की अवधि पूरी होने तक तक जीवित रहता है तो ऊपर बताए बेनिफिट प्राप्त होते है लेकिन अगर पॉलिसी होल्डर की पॉलिसी अवधि के दौरान मौत हो जाती है, तो नॉमिनी को फिक्स्ड maturity अमाउंट मिलती है। अलग अलग कंपनियों द्वारा ऑफर की जाने वाली मनी बैक पॉलिसी को policybazaar पर कंपेयर और खरीद सकते है।

मनी बैक पालिसी कैसे काम करती है – Money back policy kaise kaam karti hai

सबसे पहले इंश्योरेंस लेने का इच्छुक व्यक्ति सभी तरह के मनी बैक पॉलिसी की तुलना करके अपने लिए बेस्ट प्लान का चुनाव करता है। इसके लिए वह भरे जाने वाले प्रीमियम की अमाउंट, उसकी फ्रीक्वेंसी, सम एश्योर्ड अमाउंट, मनी बैक अमाउंट आदि को ध्यान में रख सकते है। पालिसी के इशू हो जाने पर वह रेगुलर प्रीमियम जो पालिसी के आधार पर मंथली, क्वाटर्ली, हाफ इयरली या इयरली हो सकता की पेमेंट करना शुरू कर देता है। पालिसी के दौरान एश्योर्ड व्यक्ति को sum assured का कुछ भाग मनी बैक अमाउंट के रूप में मिलता है और बची राशि पालिसी के मैच्योर होने पर बोनस समेत दी जाती है। अगर पॉलिसी टेन्योर के दौरान पॉलिसी होल्डर की मौत हो जाती है तो नॉमिनी को सिर्फ sum assured इंश्योरेन्स की अमाउंट दी जाती है। चलिए इसे निचे दिए उदाहरण की मदद के समझते है।

राहुल एक 30 साल का प्रोफेशनल है जिसने 20 साल के लिए एक लिए एक मनी बैक पालिसी खरीदी है जिसकी sum assured वैल्यू है 20 लाख। इसमें हर 5 साल बाद सर्वाइवल बेनिफिट के तौर पर sum assured का 20% यानी की 4 लाख रुपए राहुल को दिए जाने है। इस मुताबिक राहुल को 5th, 10th, 15th और 20th साल 4 लाख रूपये मिलेंगे। इसके इलावा maturity पर उसे बचे 4 लाख रूपये एडिशनल बेनिफिट्स के साथ दिए जायेगे। यह सब बेनिफिट तभी एप्लीकेबल होंगे जब राहुल पूरी पालिसी टर्म को सर्वाइव कर जाता है। अगर राहुल की किसी भी साल मृत्यु हो जाती है तो नॉमिनी को पूरी 20 लाख रूपये की रकम डेथ बेनिफिट के तौर पर मिलेंगी।

मनी बैक पालिसी के फायदे – Money back policy ke fayde

गारंटेड रेगुलर इनकम: मनी बैक पॉलिसी के अंर्तगत पॉलिसी होल्डर को निश्चित टाइम पीरियड में मनी बैक के रूप में फिक्स्ड रकम की पेमेंट की जाती है। यह उन लोगो के लिए काफी फायदेमंद है जिन्हें आने वाले समय में एक रेगुलर इनकम सोर्स की जरूरत है।

लाइफ कवर और maturity बेनिफिट: पीरियोडिक रिटर्न के साथ साथ ही मनी बैक पॉलिसी में पॉलिसी होल्डर को लाइफ कवर और maturity बेनिफिट जैसे फायदे भी मिलते है। अगर पालिसी होल्डर पालिसी के टर्म के दौरान सर्वाइव नहीं करता तो नॉमिनी को डेथ बेनिफिट के रूप में एक लम्प सम्प पेमेंट की गारेंटी होती है।

इनकम टैक्स सेविंग: मनी बैक पॉलिसी के अंतर्गत भरे गए प्रीमियम पर पॉलिसि होल्डर सेक्शन 80d और 80c के अनुसार इनकम टैक्स पर रिबेट को क्लेम कर सकता है।

बोनस: कुछ कंपनीज द्वारा ऑफर किए जाने वाले मनी बैक प्लांस पर maturity अमाउंट के साथ साथ ही बोनस मिलने का प्रावधान होता है जो की पॉलिसी के पॉलिसी वैल्यू और रिटर्न में और बड़ोतरी कर देता है।

Ad on Riders: मनी बैक पालिसी के साथ आप कई तरह के एडिशनल राइडर का चुनाव कर सकते है। यह राइडर पालिसी की कवरेज और फीचर्स को और बड़ा देता है। इसके तहत हम अपनी जरुरत के अनुसार critical illness, accidental death आदि जैसे राइडर्स का चुनाव कर सकते है।

मनी बैक पालिसी के नुक्सान – Money back policy ke nuksaan

कम रिटर्न: मनी बैक पॉलिसी में मिलने वाली रिटर्न इन्वेस्टमेंट के बाकी ऑप्शन की तुलना में कम होती है। सर्वाइवल बेनिफिट होने के कारण बेनिफिशियरी को मनी बैक के रूप में रेगुलर पेमेंट की जाती है। इस इन्वेस्टमेंट के लिए इंश्योरेंस कंपनी के पास ज्यादा अमाउंट नही बचती और मिलने वाली रिटर्न भी कम रह जाती है।

ज्यादा प्रीमियम: मनी बैक पॉलिसी के प्रीमियम मार्केट में उपलब्ध बाकी पॉलिसी की तुलना में कही ज्यादा होती है इसलिए ज्यादातर यह लो और मिडिल क्लास ग्रुप के बजट के लिए अनुकूल नहीं है।

इन्फ्लेशन रिस्क: मनी की पालिसी की रिटर्न बाकि इन्वेस्टमेंट टूल्स की तुलना में कम होती है इसलिए यह लॉन्ग टर्म में इन्फ्लेशन की दर को मात नहीं दे पाता।

काम्प्लेक्स स्ट्रक्चर: मनी बैक पालिसी के फीचर्स और टर्म कंडीशन को समझना कई लोगो के लिए मुश्किल हो सकता है। इसलिए अक्सर वह पालिसी के असल बेनिफिट और उसके राइडर्स से जुड़े फायदों में के बारे में जानने में ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाते।

मनी बैक और एंडोमेंट पालिसी के बीच अंतर – Money back aur Endowment policy ke bich antar

अक्सर लोग एंडोमेंट और मनीबैक पॉलिसि के बीच में अंतर को लेकर कंफ्यूज रहते है या फिर इन दोनो को एक ही समझ बैठते है। देखा जाए तो मनी बैक और और एंडोमेंट पॉलिसी हमे इंश्योरेंस के साथ इन्वेस्टमेंट रिटर्न दोनों का ही फायदा देते हैं लेकिन फिर भी इनमें कुछ अंतर है जो की निचे दिए टेबल में दर्शाये गए है।

MONEYBACK POLICY ENDOWMENT POLICY
मनी बैक पालिसी में आपको रिटर्न सर्वाइवल बेनिफिट के रूप में पालिसी शुरू होने के कुछ ही समय बाद मिलनी शुरू हो जाती है। एंडोमेंट पॉलिसी में रिटर्न पॉलिसी mature होने पर sum assured अमाउंट के साथ मिलती है।
मनी बैक पॉलिसी का टेन्योर 5 से 25 साल का हो सकता है। एंडोमेंट पॉलिसी का टेन्योर 10 से 35 साल का हो सकता है।
मनी बैक पॉलिसी के बदले किसी तरह का लोन नहीं किया जा सकता। एंडोमेंट पॉलिसी का इस्तेमाल इसके एगेनेस्ट लोन लेने के लिए लिया जा सकता है।

  यह भी जानिए: Endowment plan meaning in hindi – एंडोमेंट प्लान के बारे में पूरी जानकारी

निष्कर्ष – Conclusion

हम में से ज्यादा लोगो की इच्छा यहीं होती है की हमे लाइफ कवर के साथ साथ इन्वेस्टमेंट की रिटर्न भी मिल सके जो हमारी रोजाना को जरूरतों और एक एक्स्ट्रा इनकम देने में हमारी मदद कर सके। मनी बैक पॉलिसी हमारी इन जरूरत को भली भांति पूरी करती है। लेकिन इस बात को ध्यान में रखना भी जरूरी है की मनी बैक पॉलिसी के प्रीमियम काफी ज्यादा होने के कारण यह लो और मिडिल क्लास इनकम ग्रुप की लोगों के बजट के लिए सही नही है। दूसरा यह की इस पर मिलने वाली रिटर्न इन्वेस्टमेंट के बाकी साधनों को तुलना में काफी कम है जो महंगाई की दर को मात देने में सक्षम नहीं है। कुल मिलाकर यह पॉलिसी अगर आप रेगुलर इनकम चाहते है और इन्वेस्टमेंट और इंश्योरेंस को एक साथ रखना चाहते हैं तो यह आपके लिए अच्छी चॉइस है लेकिन अगर आप एक अच्छी रिटर्न चाहते है और इंश्योरेंस को इन्वेस्टमेंट से अलग रखना चाहते हैं किसी और पालिसी के और ध्यान से सकते है।

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