Auto sweep facility in Hindi – ऑटो स्वीप के जरिये पाएं सेविंग अकाउंट में FD का इंटरेस्ट

आजकल सभी लोगो के पास सेविंग अकाउंट है और अपनी इमरजेंसी और दैनिक जरूरतों के को ध्यान में रखते हुए लोग उसमे कुछ ना कुछ पैसा जरूर रखते है। लगभग सभी बैंक्स सेविंग अकाउंट पर कुछ इंटरेस्ट देते है जो की एक इन्वेस्टमेंट और FD अकाउंट की तुलना में बहुत कम होता है। लेकिन क्या आप जानते है की एक ऐसा तरीका भी है जो आपको अपने सेविंग अकाउंट में पड़े पैसे पर भी FD अकाउंट की तरह ज्यादा रिटर्न दे सकता है और वह भी बिना आपके पैसे को लॉक किये। यानि की आप अपने अकाउंट से पैसे जरुरत के समय निकलवा भी सकेंगे और उसमे FD के जितना रिटर्न भी पा सकेंगे। इसी फैसिलिटी को हम ऑटो स्वीप फैसिलिटी के नाम से जानते है। आज के ब्लॉग आर्टिकल “Auto sweep facility in Hindi” में हम ऑटो स्वीप फैसिलिटी के बारे में पूरी तरह से समझेंगे और जानेगे की यह किस तरह से हमारे लिए फायदेमंद है।

Auto sweep facility in hindi
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ऑटो स्वीप क्या है – What is auto sweep facility in Hindi

ऑटो स्वीप एक ऐसी फैसिलिटी है जिसमे अगर आपका सेविंग अकाउंट में पड़ा पैसा एक लिमिट से ज्यादा हो तो वह शिफ्ट होकर FD अकाउंट में शिफ्ट हो जाता है और उसपे मिलने वाला इंटरेस्ट भी FD अकाउंट के जितना ही होता है। वह पैसा जो आपके सेविंग अकाउंट में पड़ा होगा उसे आप कभी भी आम अकाउंट की तरह निकलवा और इस्तेमाल कर सकते है। जब सेविंग अकाउंट के हिस्से में पड़ा पैसा तय की गयी लिमिट से कम हो जाता है तो FD अकाउंट से निकलकर वह पैसा सेविंग अकाउंट में आ जाता है जिस से आपको पैसो की कमी भी नहीं होती। ऑटो स्वीप का सारा प्रोसेस आटोमेटिक होता है।

अक्सर यही देखा गया है की लोग अपने सेविंग अकाउंट की स्तिथि को रोज़ाना चेक नहीं करते और कई बार जरुरत ना पड़ने पर अतिरिक्त पैसा इन्वेस्ट होने की जगह सेविंग अकाउंट में ही रह जाता है और उसपर अच्छी रिटर्न नहीं मिल पाती। इसी कारण ऑटो स्वीप फैसिलिटी की शुरुआत की गयी जिसके जरिये आप अलग से अकाउंट खुलवाए बिना ही अच्छी रिटर्न पा सकते है। सेविंग अकाउंट में पड़े पैसे पर सेविंग अकाउंट का और FD अकाउंट में पड़े पैसे पर FD का रिटर्न आपको मिलता रहता है। इस तरह आप एक सेविंग अकाउंट होते हुए भी दोनों इंटरेस्ट रेट का फायदा उठा सकते है।

ऑटो स्वीप फैसिलिटी कैसे काम करती है – Auto sweep facility kaise kam karti hai

ऑटो स्वीप फैसिलिटी में आपके सेविंग अकाउंट की एक लिमिट सेट की जाती है। जब पैसा उस लिमिट से ज्यादा होता है तो शिफ्ट होकर FD अकाउंट में चला जाता है और जब आप सेविंग अकाउंट से कुछ पैसा निकलवाते है तो पैसा लिमिट से कम हो जाता है। इस केस में पैसा FD अकाउंट से शिफ्ट होकर सेविंग अकाउंट में आ जाता है। इस तरह आपके सेविंग अकाउंट में पैसा सेट की गयी लिमिट या जरुरत के जितना बना रहता है और दोनों अकाउंट में आपको इंट्रेस्ट मिलता रहता है। चलिए इसे एक उदाहरण के द्वारा समझते है।

मान लीजिये आपके सेविंग अकाउंट में 1 लाख रूपये है। आपके महीने और दैनिक के खर्चे 50 हज़ार से ज्यादा के नहीं है इसी कारण बाकि के 50 हज़ार ज्यादातर इस्तेमाल नहीं हो पाते। आप इन बचे पैसो को इन्वेस्ट करके एक अच्छी रिटर्न पाना चाहते है, लेकिन परेशानी यह है की किसी इमरजेंसी की स्तिथि में अगर आपको इन पैसो की जरुरत पड़ी तो इन्वेस्टमेंट में कुछ lockin या पेनल्टी होने के कारण आप पैसे तुरंत नहीं निकलवा सकेंगे।

ऐसे स्तिथि में आप अपने अकाउंट में ऑटो स्वीप फैसिलिटी का लाभ ले सकते है। इसमें आप अपने सेविंग अकाउंट में एक इंस्ट्रक्शन देकर लिमिट लगा सकते है की जब आपके अकाउंट में पैसा 50 हज़ार से ज्यादा हो तो वह औटोमाटिकली FD अकाउंट में शिफ्ट हो जाये और जब पैसा 50 हज़ार से कम हो तो पैसा औटोमाटिकली FD अकाउंट से निकलकर सेविंग अकाउंट में आ जाये। इस तरह से आपको पैसो की जरुरत पड़ने पर इंतज़ार भी नहीं करना पड़ेगा और आप बिना अलग से इन्वेस्ट किये एक अच्छी रिटर्न भी पा सकेंगे।

ऑटो स्वीप फैसिलिटी कैसे एक्टिवेट करे – Auto sweep facility kaise activate kare

ऑटो स्वीप फैसिलिटी को आप ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरीको से एक्टिवेट कर सकते है। ऑफलाइन तरीके के लिए आपको बैंक की ब्रांच जाकर जरुरी डॉक्यूमेंट और फॉर्म सबमिट कराने पड़ते है। ऑनलाइन ऑटो स्वीप को एक्टिवेट करने के लिए आप निम्नलिखित स्टेप्स को फॉलो कर सकते है। यहाँ हम SBI बैंक के उदाहरण से समझते है की इस फैसिलिटी को कैसे एक्टिवेट करे।

  • सबसे पहले SBI की official वेबसाइट पर जाएँ और ID और पासवर्ड को भरकर लॉगिन करे।
  • उसके बाद लॉगिन और डिपाजिट ऑप्शन पर जाये और फिर डिपाजिट ऑप्शन पर क्लिक करे।
  • जो पेज खुलेगा उसपर ऑटो स्वीप की ऑप्शन दिखाई देगी। उसपर क्लिक करे।
  • अब एक नया पेज खुलेगा जहाँ पर आपकी बैंक अकाउंट डिटेल दिखाई देगी, उसे वेरीफाई करने के बाद continue पर क्लिक करे।
  • इसके बाद आपके रजिस्टर्ड नंबर पर एक हाई सिक्योरिटी पासवर्ड आएगा जिसे की दिखने वाले बॉक्स में भरकर कफंर्म करे।
  • इसके बाद जो पेज खुलेगा वहां पर आपको ऑटो स्वीप की डिटेल्स भरनी पड़ेगी जैसे की स्टार्ट डेट, स्वीप साइकिल, लिमिट अमाउंट आदि। इसके बाद सबमिट पर क्लिक कर दे।
  • अब जब भी आपके सेविंग अकाउंट में पैसे लिमिट से ज्यादा या कम होंगे तो ऑटो स्वीप फैसिलिटी शुरू हो जाएगी।

ऑटो स्वीप फैसिलिटी के फायदे – Auto sweep facility ke fayde

हाई इंटरेस्ट रेट: ऑटो स्वीप के जरिये आप अपने सेविंग अकाउंट में भी एक अच्छी रिटर्न पा सकते है और इसके लिए आपको कोई अलग से इन्वेस्टमेंट करने की जरुरत नहीं पड़ती। यह पैसे किसी तरह के लॉक इन में नहीं रहते और जरुरत पड़ने पर आप इन्हे कभी भी निकलवा सकते है।

कोई manual काम नहीं: ऑटो स्वीप में आपको कोई भी ट्रासंफर बार बार manually नहीं करना पड़ता। आपको सिर्फ एक बार अकाउंट सेटअप करना पड़ता है और बाकि काम हर बार आटोमेटिक सिस्टम द्वारा हो जाता है।

रिस्क मैनेजमेंट: जब आपका ज्यादा पैसा एक ही अकाउंट में पड़ा हो तो किसी तरह के फ्रॉड के केस में उस पैसे की नुक्सान की सम्भावना बनी रहती है। ऑटो स्वीप में आपका पैसा एक तरह से दो अकाउंट में बंट जाता है और इस तरह रिस्क की सम्भवना भी कम हो जाती है।

ऑटो स्वीप फैसिलिटी के नुक्सान – Auto sweep facility ke nuksaan

एडिशनल फीस: अगर आप ऑटो स्वीप फैसिलिटी को लेते है तो आपको कुछ एडिशनल फीस भरनी पड़ सकती है। इसलिए जरुरी है की ऑटो स्वीप का अकाउंट खुलवाने से पहले अपने बैंक के एप्लीकेबल चार्जेज के बारे में पता कर लें।

पेनल्टी: समय से पहले फण्ड निकालने पर हमे कुछ पेनल्टी लग सकती है। इसलिए स्वीप साइकिल की maturity से पहले अपने अकाउंट से पैसे निकालने से बचें या पड़ने वाली पेनल्टी की दर जानने के लिए अपने बैंक से जरूर संपर्क करे।

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निष्कर्ष – Conclusion

ऑटो स्वीप आपके अतिरिक्त फण्ड का इस्तेमाल करने और उस से एक अच्छी रिटर्न कमाने का एक बेहतरीन तरीका है। लगभग सभी बैंक्स द्वारा ऑफर किया जाने वाला यह एक बेहतरीन टूल है जिसका उपयोग करके आप बिना किसी अलग अकाउंट और झंझट के अपनी वेल्थ को बढ़ा सकते है। इस आर्टिकल में हमने ऑटो स्वीप से जुड़े सभी सवालों को का जवाब देने की कोशिश की है लेकिन फिर भी अगर आपकी कोई शंका है तो आप कमेंट सेक्शन में हमसे पूछ सकते है।

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