IMPS full form in Hindi – जानिए IMPS क्या है और कैसे काम करता है

आज के इस डिजिटल युग में एडवांस टेक्नोलॉजी के कारण बैंकिंग जगत रोज नए बदलाव हो रहे है। इसी टेक्नोलॉजी के कारण हम हर रोज डिजिटल apps जैसे की Google pay, Phone pay, Paytm आदि के द्वारा सेकण्ड्स में पैसे एक अकाउंट से दूसरे अकाउंट में ट्रांसफर कर सकते है। इन पैसो को ट्रांसफर करने के लिए कई तरह के सिस्टम्स का इस्तेमाल होता है जैसे UPI, NEFT, RTGS। IMPS इन्ही तरीको में से एक है। IMPS पेमेंट ट्रांसफर में एक रेवोलुशन की तरह उभर कर आया है। यह पैसे ट्रांसफर करने का एक सिक्योर और तेज तरीका है और भारतीय लोगो के दैनिक जीवन में इसने बड़ी तेजी से अपनी जगह बनायीं है। इस आर्टिकल “IMPS full form in Hindi” में हम IMPS से जुड़े सभी जरुरी तथ्यों को आपके सामने रखेंगे और जानेंगे की यह हमारे लिए किस तरह से फायदेमंद है।

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IMPS क्या होता है – IMPS full form in Hindi

IMPS की फुल फॉर्म है – Immediate mobile Payment service.
हिंदी में हम कह सकते है – तत्काल मोबाइल भुगतान सेवा

IMPS एक बैंकिंग पेमेंट सर्विस है जिसके जरिये आप इसी के नाम की तरह तत्काल ही पैसे एक अकाउंट से दूसरे अकाउंट में ट्रांसफर कर सकते है। यह पेमेंट की अन्य सर्विसेज जैसे की की RTGS और NEFT से तेज काम करता है और पैसे रियल टाइम में एक अकाउंट से दूसरे अकाउंट में तुरंत ट्रांसफर हो जाते है। इसके लिए सिर्फ एक मोबाइल फोन की जरुरत होती है और यह 365 दिन 24 घंटे काम करता है।

IMPS को आप किसी भी माध्यम फ़ोन, कंप्यूटर, लैपटॉप आदि से कर सकते है। IMPS की मदद से पैसे ट्रांसफर, बिल पेमेंट, शॉपिंग जैसे काम आसानी से बहुत कम चार्जेज में किये जा सकते है। IMPS की मिनिमम ट्रांसफर लिमिट 1 रूपये है और मैक्सिमम 5 लाख रूपये। हालाँकि कई बैंको में यह लिमिट 2 लाख रूपये है।

IMPS को NPCI (National payment corporation of India) द्वारा मैनेज किया जाता है और इसकी शुरुआत अगस्त 2010 में ट्रायल के तौर पर की गयी थी। 22 नवंबर 2010 में इसे सभी लोगो के लिए शुरू कर दिया गया था। शुरुआत में सिर्फ कुछ ही बैंक इसका भाग थे लेकिन वर्तमान काल में लगभग सभी बैंक इसका हिस्सा है।

IMPS कैसे काम करता है – IMPS kaise kaam karta hai

IMPS जैसा की नाम से ही जाहिर है मुख्य रूप से मोबाइल बैंकिंग या मोबाइल से पैसे ट्रांसफर करने के लिए बनाया गया है। जिस मोबाइल में आपको IMPS का प्रयोग करना हो उसमे चलने वाला सिम आपके बैंक के साथ रजिस्टर होना चाहिए। अगर वह नंबर बैंक के पास रजिस्टर है तो नेट बैंकिंग या मोबाइल बैंकिंग द्वारा IMPS सुविधा का लाभ उठाया जा सकता है। फण्ड ट्रांसफर करने के बाद वह तुरंत बेनेफिशरी के अकाउंट में क्रेडिट हो जाता है और IMPS का यही फीचर उसे फण्ड ट्रांसफर के बाकि तरीको NEFT और RTGS से बेहतर बनाता है। IMPS द्वारा फण्ड ट्रांसफर करने के कई तरीके है जिनके बारे में हम आगे के आर्टिकल में जानेंगे।

IMPS से पैसे कैसे ट्रांसफर करे – IMPS se paise kaise transfer kare

IMPS द्वारा पैसे ट्रांसफर करने के कई सारे तरीके है जिनमे मोबाइल फोन, नेट बैंकिंग, एटीएम और SMS शामिल है। IMPS का इस्तेमाल करने के लिए आपका मोबाइल नंबर आपके बैंक अकाउंट से जुड़ा होना चाहिए। मोबाइल नंबर रजिस्टर होने पर आप ऊपर बताये माध्यमो से पैसे एक अकाउंट से दुसरे अकाउंट में ट्रान्सफर कर सकते है।

नेट बैंकिंग द्वारा: IMPS को आप नेट बैंकिंग के जरिये कर सकते है। इसके लिए आपके पास नेटबैंकिंग की ID और पासवर्ड होना चाहिए।

  • सबसे पहले अपने नेट बैंकिंग अकाउंट में लॉगिन करे।
  • उसके बाद आपको जिसे पैसे भेजने होते है उसे beneficiary के तौर पर ऐड करना पड़ता है। जहाँ पर बैंक अकाउंट नंबर, IFSC कोड, बैंक नाम और ब्रांच वगेहरा भरनी पड़ती है।
  • इसके बाद beneficiary डिटेल को वेरीफाई और कन्फर्म करे।
  • वेरीफाई होने के बाद जितने पैसे ट्रांसफर करने है उतनी रकम भरे, ट्रांसक्शन पासवर्ड और OTP भरने बाद पैसे ट्रांफर हो जायेंगे।

मोबाइल नंबर और MMID द्वारा: जब आप अपना नंबर बैंक अकाउंट के साथ लिंक करते है तो आपको एक यूनिक 7 नंबर का MMID (Mobile Money Identifier) कोड मिलता है जिसका इस्तेमाल आप IMPS करने के लिए कर सकते है। इसके इलावा और बहुत से तरीके है जिसके द्वारा आप MMID कोड जेनरेट कर सकते है। कुछ बैंक्स में जब आप अपने नंबर को मोबाइल बैंकिंग के लिए रजिस्टर करते है तो भी MMID नंबर ऑटो जेनरेट हो जाता है। जबकि कुछ बैंक्स में आप SMS सर्विस द्वारा भी MMID कोड जेनेरेट कर सकते है। MMID द्वारा पैसे ट्रांसफर करने के लिए:

  • आजकल लगभग सभी बैंक्स के अपने मोबाइल बैंकिंग apps है जहाँ पर फण्ड ट्रांसफर सहित कई सारी बैंकिंग सुविधाये मिलती है।
  • अपने बैंक के मोबाइल बैंकिंग app पर लोग इन करे।
  • इसके बाद फण्ड ट्रांसफर के लिए IMPS सेलेक्ट करे।
  • रिसीवर का अकाउंट नंबर, MMID कोड और मोबाइल नंबर आदि ऐड करे और फण्ड ट्रांसफर की अमाउंट भरकर initiate करे।
  • ट्रांजक्शन को OTP या पिन द्वारा वेरीफाई करे।
  • इस तरह से पैसे आपके अकाउंट से बेनेफिशरी के अकाउंट में ट्रांसफर हो जायेंगे।

एटीएम और SMS द्वारा: आप एटीएम और SMS के इस्तेमाल से भी IMPS द्वारा पैसे ट्रांसफर कर सकते है। डेबिट कार्ड द्वारा पैसे ट्रांसफर करने के लिए आपको एटीएम जा कर अपना डेबिट कार्ड स्वाइप करना और एटीएम pin डालना पड़ता है। जो डिटेल्स शो होगी उसे वेरीफाई करने के बाद आपको फण्ड ट्रांसफर ऑप्शन को सेलेक्ट करना है। ऑप्शन सेलेक्ट करने के बाद जरुरी डिटेल्स जैसे की बेनेफिशरी का मोबाइल नंबर और MMID कोड एंटर करना होता है। कन्फर्म होने के बाद जितनी भी रकम आप ट्रांसफर करना चाहते है उसे भरे और कन्फर्म कर दे।

अगर आपके पास स्मार्ट फ़ोन और इंटरनेट कनेक्शन नहीं है तब भी आप SMS की मदद के IMPS ट्रांसफर कर सकते है। एक स्पेसिफिक फॉर्मेट में SMS करके beneficiary को ऐड करे और उसके बाद आसानी से कुछ स्टेप्स में पैसे भेजे जा सकते है।

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IMPS पे कितने चार्ज लगते है – IMPS pe kitne charges lagte hai

IMPS द्वारा lumpsum 5 लाख तक की अमाउंट ट्रांसफर की जा सकती है और उसपे लगने वाले चार्जेज ट्रांसफर की जाने वाली रकम पर निर्भर करते है। हालाँकि सभी बैंक्स के IMPS चार्जेज में कुछ अंतर हो सकता है लेकिन आमतौर IMPS द्वारा पैसे ट्रांसफर करने पर निम्लिखित लिमिट के अनुसार चार्जेज एप्लीकेबल होते है:

Transfer Amount IMPS Charges
Upto 10,000 2.5 + GST
10,000 – 1 Lakh 5 + GST
1 Lakh – 2 Lakh 15 + GST
2 Lakh – 5 Lakh 20 + GST

IMPS के फायदे – IMPS ke fayde

IMPS का सबसे बड़ा फायदा इसका तेजी से होने वाला मनी ट्रांसफर है। जहाँ NEFT में पैसे ट्रांसफर करने के लिए कुछ घंटो तक का समय लग सकता है और RTGS के लिए आपको 2 लाख से ऊपर की अमाउंट ट्रांसफर करनी पड़ती है वहीँ IMPS द्वारा कम से कम अमाउंट तुरतं ही एक अकाउंट से दूसरे अकाउंट में ट्रांसफर की जा सकती है।

IMPS किसी भी डिवाइस चाहे वो इंटरनेट के साथ हो या इंटरनेट के बिना हो, द्वारा किया जा सकता है।

IMPS फण्ड ट्रांसफर करने के सबसे आसान तरीको में से एक है। कोई भी इंसान थोड़ा ध्यान देकर सिखने पर इसे आसानी से कर सकता है।

IMPS सर्विस साल के 365 दिन 24 घंटे चालू रहती है।

IMPS में मिनिमम 1 रूपये से मैक्सिमम 5 लाख रूपये तक ट्रांसफर किये जा सकते है।

IMPS के नुकसान – IMPS ke nuksaan

IMPS सर्विस फ्री में उपलभ्द नहीं है।

IMPS की लिमिट के कारण आप इससे 5 लाख से ज्यादा की अमाउंट ट्रांसफर नहीं कर सकते।

IMPS पे लगने वाले चार्जेज फिक्स्ड नहीं है और बैंक to बैंक अलग अलग हो सकते है।

NEFT, RTGS और IMPS में क्या फर्क है –

NEFT, RTGS aur IMPS me kya fark hai

IMPS NEFT RTGS
IMPS का मतलब होता है Immediate Mobile Payment Service। NEFT का मतलब होता है National Electronic Fund Transfer। RTGS का मतलब होता है Real Time Gross Settlement।
IMPS में पैसे तुरंत ट्रांसफर हो जाते है। NEFT में फण्ड बैच में ट्रांसफर किये जाते है और पैसे ट्रांसफर होने में कई घंटो का समय लग सकता है RTGS में पैसे तुरंत बेनेफिशरी के अकाउंट में ट्रांसफर हो जाते है।
IMPS में जिस व्यक्ति का बैंक अकाउंट है सिर्फ उसी से ऑनलाइन या ऑफलाइन मोड द्वारा की जा सकती है। NEFT द्वारा फण्ड ट्रांसफर ऑनलाइन नेटबैंकिंग और ऑफलाइन बैंक में चेक के द्वारा की जा सकती है। RTGS भी ऑनलाइन नेटबैंकिंग और ऑफलाइन बैंक द्वारा की जा सकती है लेकिन इनमे अमाउंट 2 लाख या उस से ज्यादा होनी चाहिए।
IMPS में मिनिमम ट्रांसफर लिमिट 1 रूपये और मैक्सिमम 5 लाख तक हो सकती है। NEFT द्वारा मिनिमम 1 और मैक्सिमम फण्ड ट्रांसफर की कोई लिमिट नहीं है हालाँकि एक दिन में कुछ लाख तक ही ट्रांसफर किये जा सकते है जिसकी लिमिट बैंक to बैंक अलग अलग हो सकती है। RTGS में मिनिमम ट्रांसफर अमाउंट 2 लाख और मैक्सिमम की कोई लिमिट नहीं है लेकिन एक दिन में कुछ लाख तक ही ट्रांसफर किये जा सकते है जिसकी लिमिट बैंक to बैंक अलग अलग हो सकती है।

निष्कर्ष – Conclusion

पेमेंट के अन्य माध्यमों सहित IMPS भी एक बेहतर, तेज और सिक्योर पेमेंट तरीका है। हालाँकि Upi आने के बाद मोबाइल डिवाइस में इसका प्रयोग काफ़ी कम हो गया है लेकिन फिर भी अगर आप नेट बैंकिंग का इस्तेमाल करते है और ज्यादा अमाउंट ट्रांसफर करना चाहते है तो IMPS ही एक बेहतरीन ऑप्शन है जिससे की पैसे तुरंत ही ट्रांसफर किये जा सकते है। हमे आशा है की हमारे द्वारा दी गयी जानकारी ने आपकी IMPS से जुडी सभी शंकाओ का दूर किया होगा। अगर आप का इसके इलावा भी कोई सवाल है तो निचे कमेंट करके हम पूछ सकते है।

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